शब्द शुद्धि शब्द शुद्धि

UPSSSC लोअर मेन्स के लिए शब्द शुद्धि की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका। UPSSSC लोअर मेन्स के लिए शब्द शुद्धि की व्यापक अध्ययन मार्गदर्शिका।

शब्द शुद्धि: अवधारणा मानचित्रशब्द शुद्धि: अवधारणा मानचित्र

mindmap root((शब्द शुद्धि)) अशुद्धि के प्रकार वर्ण संबंधी मात्रा संबंधी संधि-समास संबंधी प्रत्यय-उपसर्ग संबंधी वाक्य विन्यास
mindmap root((शब्द शुद्धि)) अशुद्धि के प्रकार वर्ण संबंधी मात्रा संबंधी संधि-समास संबंधी प्रत्यय-उपसर्ग संबंधी वाक्य विन्यास

त्वरित पुनरीक्षण तालिकात्वरित पुनरीक्षण तालिका

अशुद्ध शब्दशुद्ध शब्दकारण
आशीर्वादआशीर्वादरेफ (र) का सही स्थान
कवित्रीकवयित्रीय का लोप
उज्वलउज्ज्वलद्वित्व व्यंजन नियम
प्रर्दशनप्रदर्शनरेफ नियम
अहिल्याअहल्याव्याकरणिक शुद्धता

वर्ण एवं मात्रा संबंधी नियम

वर्ण एवं मात्रा संबंधी नियम

हिन्दी वर्तनी में स्वरों की मात्राओं का विशेष महत्व है। 'इ' और 'ई' तथा 'उ' और 'ऊ' की मात्राओं में भ्रम के कारण सर्वाधिक अशुद्धियाँ होती हैं।हिन्दी वर्तनी में स्वरों की मात्राओं का विशेष महत्व है। 'इ' और 'ई' तथा 'उ' और 'ऊ' की मात्राओं में भ्रम के कारण सर्वाधिक अशुद्धियाँ होती हैं।

नियम: शब्द के अंत में 'इ' या 'उ' की मात्रा सामान्यतः छोटी होती है, जैसे- कवि, साधु।नियम: शब्द के अंत में 'इ' या 'उ' की मात्रा सामान्यतः छोटी होती है, जैसे- कवि, साधु।

संधि संबंधी अशुद्धियाँ

संधि संबंधी अशुद्धियाँ

संधि के नियमों का पालन न करने पर शब्द अशुद्ध हो जाते हैं।संधि के नियमों का पालन न करने पर शब्द अशुद्ध हो जाते हैं।

उदाहरण: सदानंद (सत्+आनंद), तदोपरांत (तत+उपरांत), यद्यपि (यदि+अपि)।उदाहरण: सदानंद (सत्+आनंद), तदोपरांत (तत+उपरांत), यद्यपि (यदि+अपि)।

उपसर्ग-प्रत्यय जनित अशुद्धियाँ

उपसर्ग-प्रत्यय जनित अशुद्धियाँ

प्रत्यय लगाने पर शब्द के मूल स्वर में परिवर्तन होता है।प्रत्यय लगाने पर शब्द के मूल स्वर में परिवर्तन होता है।

उदाहरण: समाज + इक = सामाजिक (न कि समाजिक), प्रमाण + इक = प्रामाणिक (न कि प्रमाणिक)।उदाहरण: समाज + इक = सामाजिक (न कि समाजिक), प्रमाण + इक = प्रामाणिक (न कि प्रमाणिक)।

रेफ (र) के प्रयोग के नियम

रेफ (र) के प्रयोग के नियम

'र' का प्रयोग जहाँ बोला जाता है, उसके बाद वाले वर्ण पर होता है।'र' का प्रयोग जहाँ बोला जाता है, उसके बाद वाले वर्ण पर होता है।

अशुद्ध: आर्शीवाद, शुद्ध: आशीर्वाद। अशुद्ध: कार्यलय, शुद्ध: कार्यालय।अशुद्ध: आर्शीवाद, शुद्ध: आशीर्वाद। अशुद्ध: कार्यलय, शुद्ध: कार्यालय।

महत्वपूर्ण शब्द युग्म (अभ्यास हेतु)

महत्वपूर्ण शब्द युग्म (अभ्यास हेतु)

अशुद्ध - शुद्ध: अतिथि - अतिथि, अनधिकृत - अनधिकृत, अंताक्षरी - अंत्याक्षरी, अनुगृहीत - अनुगृहीत, उपयुक्त - उपर्युक्त।अशुद्ध - शुद्ध: अतिथि - अतिथि, अनधिकृत - अनधिकृत, अंताक्षरी - अंत्याक्षरी, अनुगृहीत - अनुगृहीत, उपयुक्त - उपर्युक्त।

द्वित्व व्यंजन अशुद्धियाँ

द्वित्व व्यंजन अशुद्धियाँ

जब एक ही व्यंजन दो बार आए तो उसे द्वित्व कहते हैं।जब एक ही व्यंजन दो बार आए तो उसे द्वित्व कहते हैं।

उदाहरण: उज्ज्वल (उ+ज्+ज्+व+ल), लज्जा, चक्की, सत्ता।उदाहरण: उज्ज्वल (उ+ज्+ज्+व+ल), लज्जा, चक्की, सत्ता।

अनुस्वार और चंद्रबिंदु का प्रयोग

अनुस्वार और चंद्रबिंदु का प्रयोग

तद्भव शब्दों में चंद्रबिंदु (ँ) और तत्सम में अनुस्वार (ं) का प्रयोग होता है।तद्भव शब्दों में चंद्रबिंदु (ँ) और तत्सम में अनुस्वार (ं) का प्रयोग होता है।

उदाहरण: आँसू (तद्भव), हंस (तत्सम)।उदाहरण: आँसू (तद्भव), हंस (तत्सम)।

स्त्रीलिंग एवं पुल्लिंग संबंधी अशुद्धि

स्त्रीलिंग एवं पुल्लिंग संबंधी अशुद्धि

नदी, तिथि, राशि आदि स्त्रीलिंग शब्द हैं, जिनमें 'ई' की मात्रा आती है।नदी, तिथि, राशि आदि स्त्रीलिंग शब्द हैं, जिनमें 'ई' की मात्रा आती है।

परीक्षा उपयोगी टिप्स एवं ट्रिक्स

परीक्षा उपयोगी टिप्स एवं ट्रिक्स

1. उच्चारण पर ध्यान दें: यदि उच्चारण सही है, तो वर्तनी 80% सही होगी। 2. प्रत्यय के नियम: 'इक' प्रत्यय लगने पर प्रथम स्वर दीर्घ हो जाता है (जैसे- भूगोल + इक = भौगोलिक)। 3. संधि विच्छेद करके देखें: यदि शब्द में संधि है, तो उसका विच्छेद करके देखें, वर्तनी त्रुटि तुरंत पकड़ में आ जाएगी। 4. अपवादों को रटें: 'कवयित्री' और 'अहल्या' जैसे शब्दों को बार-बार लिखें।1. उच्चारण पर ध्यान दें: यदि उच्चारण सही है, तो वर्तनी 80% सही होगी। 2. प्रत्यय के नियम: 'इक' प्रत्यय लगने पर प्रथम स्वर दीर्घ हो जाता है (जैसे- भूगोल + इक = भौगोलिक)। 3. संधि विच्छेद करके देखें: यदि शब्द में संधि है, तो उसका विच्छेद करके देखें, वर्तनी त्रुटि तुरंत पकड़ में आ जाएगी। 4. अपवादों को रटें: 'कवयित्री' और 'अहल्या' जैसे शब्दों को बार-बार लिखें।